Saturday, 4 August 2012

मैथिली गजल

रोज उठैछी भोरे-भोरे
घूमि अबैछी भोरे-भोरे |


दूर-दूर धरि हरियर धरती
देखि अबैछी भोरे-भोरे |


धरती  मैया सभहक मैया
निहुरि कहैछी भोरे-भोरे |



आम डारि पर गाबय  कोइली
गीत सुनैछी भोरे-भोरे |


माए-बाबू भगवान हमर छथि
चरण छुबैछी  भोरे-भोरे |


माटि-पानि ले' तन-मन-जीवन
प्रण ई करैछी भोरे-भोरे |


(प्रकाशित - विदेह -ई, १ अगस्त २०१२ )

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